한국어 English 日本語 中文 Deutsch हिन्दी Tiếng Việt Português Русский Iniciar sesiónUnirse

Iniciar sesión

¡Bienvenidos!

Gracias por visitar la página web de la Iglesia de Dios Sociedad Misionera Mundial.

Puede entrar para acceder al Área Exclusiva para Miembros de la página web.
Iniciar sesión
ID
Password

¿Olvidó su contraseña? / Unirse

Corea

वर्ष 2018 फसह के पर्व, अखमीरी रोटी के पर्व और पुनरुत्थान के दिन की पवित्र सभा

  • País | कोरिया
  • Fecha | Marzo 30, 2018
ⓒ 2018 WATV
वर्ष 2018 में तीन बार में सात पर्व, 30 मार्च(पवित्र कैलेंडर के अनुसार पहले महीने के चौदहवां दिन) की शाम को फसह की पवित्र सभा के साथ शुरू हुए। नई वाचा के पर्व, जिन्हें यीशु ने 2,000 वर्ष पहले मानवजाति के उद्धार के लिए स्थापित किया था, यीशु के पुनरुत्थान और स्वर्गारोहण के बाद इतिहास से गायब हो गए थे, लेकिन वे पुन:स्थापित किए गए और आज चर्च ऑफ गॉड में मनाए जाते हैं।

वर्ष 2018 में, मसीह आन सांग होंग के जन्म की 100वीं सालगिरह, जिन्होंने बाइबल की भविष्यवाणियों के अनुसार नई वाचा के सत्य को पुन:स्थापित किया, दुनिया भर में 175 देशों में 7,000 चर्च ऑफ गॉड के सदस्यों ने मसीह को जिन्होंने जीवन के सत्य को पुन:स्थापित करने तक लंबे समय तक खुदको बलिदान किया, गहराई से धन्यवाद देते हुए पर्व में भाग लिया। फसह, अखमीरी रोटी के पर्व(31 मार्च, पवित्र कैलेंडर के अनुसार पहले महीने का पंद्रहवां दिन) और पुनरुत्थान के दिन(1 अप्रैल, अखमीरी रोटी के पर्व के बाद पहले सब्त का अगला दिन) की पवित्र सभाओं की आराधनाओं में, माता ने दुनिया भर के सभी सिय्योन पर पापों की क्षमा और अनन्त जीवन की आशीष उंडेला जाने की आशा की और प्रार्थना की कि सभी संतान पुनरुत्थान और रूपांतरण की आशा के साथ प्रेम और बलिदान के मार्ग पर चलें, जिस पर यीशु चले थे।

फसह के पर्व की पवित्र सभा: मेम्ने के बहुमूल्य लहू के द्वारा दी गई पापों की क्षमा और अनन्त जीवन
यीशु, जिन्होंने क्रूस पर चढ़ाए जाने से पहले अपने चेलों के साथ फसह मनाने की बड़ी अभिलाषा की, उन्होंने रोटी और दाखमधु लेने के भोज से पहले अपने चेलों के पांव धोए। यीशु ने उन्हें नमूना दिखाया कि जैसा उन्होंने किया, वे भी वैसा ही करें। पांव धोने की विधि पुराने नियम के समय में की गई चीजों से शुरू हुई थी; याजक पवित्रस्थान में प्रवेश करने से पहले पानी से अपने हाथ और पांव धोते थे(यूह 13:4–10; निर्ग 30:17–21)।

ⓒ 2018 WATV
Los miembros del Templo de la Nueva Jerusalén en Pangyo participaron en la Gran Asamblea de la Pascua, al anochecer del 30 de marzo (el 14 del primer mes según el calendario sagrado).



कोरिया में नई यरूशलेम फानग्यो मंदिर में आयोजित फसह की पवित्र सभा में, माता ने पांव धोने की विधि में स्वयं अपनी संतानों के पांव धोए। दुनिया भर के चर्च ऑफ गॉड में, पुरोहित कर्मचारी से लेकर सभी सदस्यों ने मसीह की शिक्षाओं के अनुसार पांव धोने की विधि में भाग लिया और अपने हृदयों पर नम्रता और सेवा करने के सद्गुण को उत्कीर्ण किया।

फसह की पवित्र भोज की आराधना में, प्रधान पादरी किम जू चिअल ने फसह की शुरुआत और उसके अर्थ के बारे में उपदेश दिया। मूसा के समय में, जब मिस्र पर पहिलौठों को नष्ट करने की विपत्ति पड़ी, तब इस्राएली जिन्होंने परमेश्वर के वचनों के अनुसार मेम्नों को बलि करके फसह मनाया था, वे विपत्ति से बच गए और दासत्व से मुक्त हुए। पादरी किम जू चिअल ने यह कहते हुए सदस्यों को परमेश्वर की आशीष के बारे मे जागृत किया, “निगर्मन वह प्रयोजन दिखाता है कि परमेश्वर की संतान नई वाचा के फसह को मनाकर पाप और मृत्यु के दासत्व से मुक्त होंगी। चूंकि कोई भी यीशु, जो मेम्ने की असलियत हैं, के लहू के बिना न्याय और दण्ड से नहीं बच सकता, तो यीशु बड़ी लालसा थी कि सारी मानवजाति फसह मनाएं(प्रक 14:7; 2थिस 1:7–9; निर्ग 12:11–14; यूह 1:29; लूक 22:7–15, 19–20; यूह 6:52–57)।”
रोटी और दाखमधु के लिए धन्यवाद की प्रार्थना करने के बाद, सदस्यों ने उद्धार के सत्य को स्थापित करने के लिए शरीर में आए परमेश्वर को धन्यवाद देते हुए रोटी खाई और दाखमधु पिया।

माता ने कहा, “फसह का पर्व दुनिया में सबसे खुशी का दिन है क्योंकि हम परमेश्वर के अनुग्रह के द्वारा स्वर्ग और अनन्त जीवन की प्रतिज्ञा प्राप्त करते हैं। मसीह के मांस और लहू प्राप्त करके परमेश्वर की संतान होने के लिए गर्व करें, और आपके पड़ोसियों को वह प्रेम दें जो बिना मूल्य आपने पाया है।” इस पर सदस्यों का जोरदार जवाब “आमीन” से मंदिर भर गया।

अखमीरी रोटी के पर्व की पवित्र सभा: मसीह के बलिदान को स्मरण करते हुए जिन्होंने पापियों को बचाने के लिए अत्याधिक पीड़ा को सहन किया
“परन्तु वे दिन आएंगे जब दूल्हा उनसे अलग किया जाएगा, उस समय वे उपवास करेंगे”(मर 2:20)।
अखमीरी रोटी का पर्व फसह के पर्व का अगला दिन है। जैसे बाइबल में दर्ज है, उस दिन जब 2,000 वर्ष पहले यीशु क्रूस पर मर गए, सदस्यों ने उपवास करने के द्वारा उनके महान बलिदान को स्मरण करते हुए आराधना मनाई।

ⓒ 2018 WATV

माता ने पिता को धन्यवाद दिया कि सिर्फ अपनी संतानों को, जो अनन्त दण्ड से बच नहीं सकती थी, बचाने की आशा से मृत्यु के दर्द को सहन किया, और बार–बार प्रार्थना की कि स्वर्गीय संतान जिन्होंने उस अनुग्रह के द्वारा अपने पापों की क्षमा पाई है, वे हमेशा परमेश्वर के बलिदान को याद रखते हुए संपूर्ण विश्वास रखें जिससे वे फिर कभी पाप नहीं करेंगे।

मिस्र की सेना ने मुक्त हो गए इस्राएलियों का पीछा किया, तो इस्राएली लाल समुद्र पार करने तक पीड़ा से गुजरे थे। इस्राएलियों के इस पीड़ा से अखमीरी रोटी का पर्व शुरू हुआ। प्रधान पादरी किम जू चिअल ने समझाया कि पुराने नियम का भविष्यसूचक कार्य यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने से पूरा हुआ: “चेलों ने उन्हें धोखा दिया और भाग गए और उनका इनकार किया, और लोगों और सैनिकों ने उनका अपमान किया, उन्हें मारा और उनकी ठट्ठा की, लेकिन क्रूस पर चढ़ाए जाने के दर्दभरे क्षण में भी यीशु ने सिर्फ मानवजाति के उद्धार के बारे में सोचते हुए अत्याधिक पीड़ा को सहन किया।” उन्होंने सदस्यों को प्रोत्साहित किया, “हमें भी जो मसीह के नमूने का पालन करते हैं, स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने तक हमारे खुद के क्रूस को उठाना चाहिए। आइए हम महसूस करें कि पीड़ा हमारे विश्वास को मजबूत और संपूर्ण बनाती है, और किसी भी परीक्षण को पार करें जैसे यीशु ने किया था”(निर्ग 14:1–13; व्य 16:3; मत 26:45–50, 67; यश 53:1–12; मत 16:24–25; 1पत 5:9–11; प्रे 14:22)।

पुनरुत्थान के दिन की पवित्र सभा: पुनरुत्थान और रूपांतरण की आशा के साथ स्वर्ग के राज्य तक जाना
पुनरुत्थान का दिन वह दिन है जब यीशु क्रूस पर मरने के बाद तीसरे दिन अधोलोक के वश पर विजयी होकर जी उठे और उन्होंने मानवजाति को पुनरुत्थान और रूपांतरण की आशा दी। दुनिया भर में चर्च ऑफ गॉड के सदस्य, जिन्होंने फसह और अखमीरी रोटी का पर्व पवित्रता से मनाए, यीशु की शक्ति को स्मरण करते हुए आनन्द के साथ पुनरुत्थान के दिन की पवित्र सभा को मनाया।

ⓒ 2018 WATV

पुराने नियम में पुनरुत्थान के दिन का नाम प्रथम फल का पर्व था। इस्राएली जो मिस्री सेना से पीछा किए गए, आखिरकार लाल समुद्र पार करके भोर को भूमि पर उतरे थे। यह इस पर्व की शुरुआत थी। इस्राएलियों का लाल समुद्र में प्रवेश करने का मतलब यीशु का गाड़ा जाना, और लाल समुद्र से भूमि पर उतरने का मतलब यीशु का पुनरुत्थान है।

प्रधान पादरी किम जू चिअल ने पुराने और नए नियम के इतिहास को लेकर कहा, “यीशु मरे हुओं में से जी उठे और यह विश्वास दिलाया कि मानवजाति, जो मृत्यु की जंजीर में बंधे होने के कारण मृत्यु और न्याय से बच नहीं सकते थे, उनका पुनरुत्थान होगा और वे आत्मिक देह में बदल जाकर स्वर्ग में प्रवेश करेंगे।” उन्होंने जल्दी से सात अरब लोगों को उद्धार का संदेश सुनाने के लिए और सब एक साथ मिलकर शानदार और आनन्दित दिन देखने के लिए प्रार्थना की(1कुर 15:20; मत 27:50–53; 1कुर 15:35–58; 1थिस 4:14–18; फिलि 3:20)।

उस दिन जब यीशु जी उठे, वह दो चेलों के सामने प्रकट हुए जो इम्माऊस की ओर जा रहे थे, और उनकी आत्मिक आंखों को आशीषित की गई रोटी के द्वारा खोल दिया। सदस्यों ने इसे याद करते हुए पुनरुत्थान के दिन की रोटी खाई(लूक 24:1–31)।

पुनरुत्थान के दिन की दोपहर की आराधना के बाद, माता ने उन सदस्यों को प्रोत्साहित किया जिन्होंने तीन दिनों तक ईमानदारी से पर्वों को मनाया, और आशा की कि वे परमेश्वर के अनुग्रह को पूरी तरह महसूस करें जिन्होंने संसार की सृष्टि से पहले मानवजाति के लिए उद्धार की योजना बनाई और पीड़ा में अपनी इच्छा पूरी की। माता ने यह कहते हुए हमें आशीष दी, “आइए हम फसह में प्रतिज्ञा की गई अनन्त जीवन की आशीष को, परमेश्वर के प्रेम और बलिदान को जिन्हें हमने अखमीरी रोटी के पर्व पर स्मरण किया, और पुनरुत्थान के दिन पर प्रदान की गई पुनरुत्थान और रूपांतरण की आशा को कभी न खोएं, लेकिन सभी जातियों को उनका प्रचार करने के द्वारा स्वर्गीय महिमा का आनन्द उठाएं।”

कोरिया और विदेशों के सदस्यों ने हर पर्व में बहुतायत से आशीष और एहसास प्रदान करने के लिए परमेश्वर को धन्यवाद दिया, और वे सुसमाचार का कार्य करने के लिए दृढ़ संकल्पी थे। ऑस्टे्रलिया में सिडनी चर्च के मिशनरी नोर्मा विलियम्स ने कहा, “मैं 100 प्रतिशत पश्चाताप, एकता और आज्ञाकारिता में रहूंगी ताकि परमेश्वर का बलिदान, जो मेरे लिए घायल हुए और बेधे गए, कभी व्यर्थ न हो जाए, और मैं ऑस्ट्रेलिया और कुक द्वीप सहित पूरे ओशिनिया में जीवन की ज्योति को चमकाऊंगी।” जापान में टोक्यो चर्च के डीकन मासाओ यामागुची ने कहा, “पर्व मनाकर मुझे फिर एक बार महसूस हुआ कि मैं कितना धन्य हूं। मैं स्वर्गीय माता–पिता के मन से, जो हर एक आत्मा का ख्याल रखते हुए उनसे प्रेम करते हैं, जापान में सभी लोगों के साथ आशीष बांटना चाहता हूं।”
Vídeo de Presentación de la Iglesia
CLOSE
Diarios
Iglesia de Dios Soc. Misionera Mundial “Juntos venzamos al Covid-19” entrega cajas de alimentos a Regimiento N° 21 Coquimbo
Internet
Iglesia de Dios Sociedad Misionera Mundial entrega apoyo al Regimiento N.º 21 Coquimbo
Internet
Iglesia realiza una colecta de alimentos para ayudar a las familias